आपके अनुभव

  • Home
  • आपके अनुभव
Add

आकाक्षां जैन

कभी कभी* *हम धागे ही इतने कमजोर* *चुन लेते है...* *कि पूरी उम्र ही गाँठ बाधने में गुजर जाती है.....!!* *मीठा बोलो ,नम के चलो ,सबसे करो स्नेह.....कितने दिन का जीवन है और कितने दिन की देह.....!!!* *समाज में "गुरु"* *परिवार में "पिता"* *घर में "स्त्री"* *ये कभी "साधारण" नहीं होते* *क्योंकि* ..

Show More

*~ निर्माण और प्रलय ~* *इन्हीं के "हाथ" में होता है !!*

14-11-2019 10:02 pm

आकाक्षां जैन

धार्मिक व्यक्ति के जीवन में बुढापा बीमारी और आपदा भी आती है परन्तु बुढापा उसे सताता नहीं बीमारी उसे व्यथित नहीं करती आपदा उसका धैर्य विचलित नहीं करती कहने का तात्पर्य है कि धार्मिक व्यक्ति वही है जो दुख को सुख में बदलने की कला जानता है यही है धर्म की वास्तविक उपय..

Show More

ोगिता है

13-11-2019 08:32 pm

आकाक्षां जैन

हास्य पर हकीकत एक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुंचा। वहां उसने देखा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने की छूट है । उसने सोचा, चलो अमेरिकी नर्क में जाकर देखें .. जब वह वहां पहुंचा तो द्वार पर पहरेदार से पूछा - क्यों भाई अमेरिकी नर्क में क्या-क्या होता है ? पहरेदार बोला - कुछ खास न..

Show More

ीं, सबसे पहले आपको एक इलेक्ट्रिक चेयर पर एक घंटा बैठाकर करंट दिया जाएगा, फ़िर एक कीलों के बिस्तर पर आपको एक घंटे लिटाया जाएगा, उसके बाद एक दैत्य आकर आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोड़े बरसायेगा... ! ये सुनकर वो व्यक्ति बहुत घबराया और उसने रूस के नर्क का रुख किया, और वहां के पहरेदार से भी वही पूछा, रूस के पहरेदार ने भी लगभग वही वाकया दोहराया जो वह अमेरिका के नर्क में सुनकर आया था । फ़िर वह व्यक्ति एक- एक करके सभी देशों के नर्कों के दरवाजे गया लेकिन सभी जगह उसे भयानक किस्से सुनने को मिले । आखिरकार, वो एक जगह पहुंचा, जहां दरवाजे पर लिखा था - "भारतीय नर्क" और उस दरवाजे के बाहर उस नर्क में जाने के लिये लम्बी लाईन लगी थी । लोग भारतीय नर्क में जाने को उतावले हो रहे थे । उसने सोचा कि जरूर यहां सजा कम मिलती होगी .. पहरेदार से पूछा कि सजा क्या है ? पहरेदार ने कहा - कुछ खास नहीं, सबसे पहल आपको एक इलेक्ट्रिक चेयर पर एक घंटा बैठाकर करंट दिया जायेगा, फ़िर एक कीलों के बिस्तर पर आपको एक घंटे लिटाया जायेगा, उसके बाद एक दैत्य आकर आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोड़े बरसाएगा.. ! चकराये हुए व्यक्ति ने उससे पूछा - यही सब तो बाकी देशों के नर्क में भी हो रहा है, फ़िर यहां इतनी भीड़ क्यों है ? ➖ पहरेदार बोला - इलेक्ट्रिक चेयर तो वही है, लेकिन बिजली नहीं है कीलों वाले बिस्तर में से कीलें कोई निकाल ले गया है, और कोडे़ मारने वाला दैत्य सरकारी कर्मचारी है । आता है, दस्तखत करता है और चाय-नाश्ता करने चला जाता है... और कभी गलती से जल्दी वापस आ भी गया तो एक-दो कोडे़ मारता है और पचास लिख देता है.. 😃😃😃😃😃😃

08-11-2019 10:20 pm

Abhishek

*आगे बढ़ने वाला व्यक्ति कभी* *किसी को बाधा नहीं पहुंचाता* *और* *दूसरों को बाधा पहुंचाने वाला* *व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ता।* *"कोई अगर आपके अच्छे कार्य पर सन्देह करता है ...* *तो करने देना, क्योकि...* *शक़, सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है...* *कोयले की कालिख पर नही...

Show More

..!"*

06-11-2019 06:09 am

आकाक्षां जैन

*अगर आप समय पर अपनी गलतियों को* *स्वीकार नहीं करते है* *तो आप एक और गलती कर बैठते है|* *आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते है* *जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते है|*

31-10-2019 02:48 pm

amol babaso karve

*रिश्तों में विश्वास मौजूद हैं.. तो मौन भी समझ आ जायेगा...* *औऱ.. विश्वास नहीं हैं.. तो शब्दों से भी गलतफहमी हो जायेंगी...!*

29-10-2019 04:06 am

आकाक्षां जैन

*हमें पता है कि "रंगोली"* *दूसरे ही दिन मिटने वाली है,* *फिर भी वो ज्यादा से ज्यादा आकर्षक हो* *मनमोहक हो ये कोशिश रहती है।* *जीवन भी कुछ रंगोली जैसा ही है* *हमें पता है जिंदगी एक दिन ख़त्म हो जायेगी,* *फिर भी उसे खूबसूरत बनाने की कोशिश करते रहना चाहिए,* *....पल पल....हर पल......*

24-10-2019 04:00 pm

एकेन्द्र जैन

सुबह की भक्ति और गुरु माँ शक्ति मिल जाता प्रसाद है। सच मानो दोस्तो जिंदगी का हर लम्हा खुशियो से भर जाता है। सुबह नित रोज करे जो भक्ति गुरु माँ देती है उसे धर्म की शक्ति गुरु माँ चरणों का नित करे वंदन मिल जाता है हर्ष उल्हाष का कृर्धन जब करते है हम पाद पक्षालन धूल जाते है पाप माँ के चरणों..

Show More

मे वो मंगलाष्टक, अद्भुत महामंत्र, वो गुरु माँ वाणी का वज्र पंजर स्त्रोत, श्री चन्द्रप्रभु स्त्रोत, बहुत सकून मिलता जब गाते पार्स्वनाथ स्त्रोत, बोले भक्ताम्बर के वो 48 श्लोक , सुर में बंधे वो कल्याण मंदिर के 44 श्लोक, माँ की वाणी से बहे शांतिधारा, मिले शांति जब जपे 1008 जिनसहस्त्रनाम की माल, गाते वासुपुज्य चालीसा, जाप जपे 108 ॐ ह्रीं अर्हं श्री वासुपूज्य जिनेन्द्राय नमो नमः। शत:शत: वंदन है गुरु माँ के चरणों मे 24 तिर्थंकर की भक्ति होती ढोल नगाड़ों से, भक्ति गुजरती अंतिम दौर में इन स्त्रोतों से उपसर्गहर स्त्रोत, सुप्रभात, महावीराष्टक अंत आचार्य वंदना- सिद्ध, श्रुत, आचार्य भक्ति। अर्घ्य चढ़ावे विराग गुरु तब चढ़े माँ के चरणों मे, कर आलोचना का पाठ शत:शत: नमन करे। मिल जाता है गुरु माँ का आशीर्वाद

21-10-2019 10:33 am

आकाक्षां जैन

*हमारी सोच, हमारे बोल, तथा हमारे कर्म ही* *हमारा भाग्य लिखते हैं |* *जो इंसान “खुद” के लिये जीता है,* *उसका एक दिन “मरण” होता है।* *पर जो इंसान ”दूसरों” के लिये जीता है,* *उसका हमेशा “स्मरण” होता है* *पूरी दुनिया जीत सकते है, संस्कार से...!* *और..,* *जीता हुआ भी हार जाते है,* *अहंकार से...!!*

13-10-2019 09:23 am

आकाक्षां जैन

*🌱✏रिश्ता बहुत गहरा हो या न हो* *परन्तु भरोसा* *बहुत गहरा होना चाहिये..* *गुरु वही श्रेष्ठ होता है* *जिसकी प्रेरणा से* *किसी का चरित्र बदल जाये* *और मित्र वही श्रेष्ठ होता है* *जिसकी संगत से रंगत बदल जाये

05-10-2019 05:35 am

आकाक्षां जैन

*ऊँचा उठने के लिए पंखों* *की जरुरत* *केवल पक्षियों को ही* *पड़ती है।* *इंसान तो जितना* *विनम्रता से झुकता है* *उतना ही ऊपर उठता है ।*

04-10-2019 08:43 pm

आकाक्षां जैन

_*जो*_ *आपके शब्दों का* *"मूल्य" नहीं समझता,* *उसके सामने* *मौन रहना ही* *बेहतर है।।* *ठोकर* *इसलिए नही लगती* *कि इंसान गिर जाए* *ठोकर* *इसलिए लगती है कि* *इंसान आगे संभल जाये*

02-10-2019 03:01 pm