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PANNALAL JAIN

मुझे शायद याद आ रहा है कि माता जी का जमशेदपुर विहार मे मै शामिल था। मां के चरणों में:- अविचल इच्छा अब मेरी है भक्ती मे तेरे बंध जाउ, तुम तारे अथवा ना तारे, तेरी भक्ति में सन जाउ।।

25-07-2019 10:52 am

PANNALAL JAIN

आंखो से अविरल अश्रु बहा, तेरे पद को प्रछालुंगा, आमोद प्रमोद इन नेत्रों से गंगा सम नीर बहा लुंगा। फिर चरणोंदक वंदन करके कर्मो को नाथ नसाऊंगा, जिस तरह बनेगा हे प्रभु वर उस तरह तुम्हे पिघलाउंगा।।

25-07-2019 11:00 am

गुनगुन जैन

*कल शीशा था,* *सब देख-देख कर जाते थे।*       *आज टूट गया,* *सब बच-बच कर जाते हैं।*    *समय के साथ,* *देखने और इस्तेमाल का* *नजरिया बदल जाता है।*     *एक उम्र वो थी कि जादू में भी यक़ीन था,* *एक उम्र ये है कि हक़ीक़त पर भी शक़ है.* *रख भरोसा खुद पर* *क्यो ढूंढता है फरिश्ते* *पंछीओ के पास कहाँ होते है नक्शे* *फिर भी ढ..

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ंढ लेते है रास्ते*

23-07-2019 04:46 am

Priyanka jain

😘💖अब और मंजिल पाने की हसरत नहीं किसी और को याद करना मेरी ताकत नहीं आप गुरु मां जब से मिली है किसी और को गुरु मां बनाने की जरुरत नहीं🌹🌹💐 🙏🙏 वंदामि गुरु मां🙏🙏

23-07-2019 06:59 am

Ankush Dubey

*सभी शब्दों का अर्थ मिल* *सकता है* *परन्तु* *जीवन का अर्थ* *जीवन जी कर* *और* *सबंध का अर्थ* *सबंध निभाकर ही मिल* *सकता है* ।

12-07-2019 11:00 am

आकाक्षां जैन

💐 *हर चीज वही मिल जाती है,* *जहाँ वो खोयी हो,* *लेकिन,* *विश्वास वहाँ कभी नही मिलता,* *जहाँ एक बार खो जाता है....* 💫...💫 🌲🌲🌲💫...💫 *""..जो कल था उसे भूलकर तो देखों..""* *""...जो आज है उसे जीकर तो देखों..""* *""आने वाला पल खुद "संवर" जायेगा""* आज सोमवार का दिन आपका शुभ हो ।

09-07-2019 03:59 pm

मेरी सोच

*मैं बिस्तर पर से उठा,अचानक छाती में दर्द होने लगा मुझे... हार्ट की तकलीफ तो नहीं है. ..? ऐसे विचारों के साथ. ..मैं आगे वाले बैठक के कमरे में गया...मैंने नज़र की...कि मेरा परिवार मोबाइल में व्यस्त था...* """"""""""""""""""""""""""👇 *मैने... पत्नी को देखकर कहा...काव्या थोड़ा छाती में रोज से आज ज़्यादा दुख रहा है...डाॅक्टर ..

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ो बताकर आता हूं. ..हां, मगर संभलकर जाना...काम हो तो फोन करना (मोबाइल में देखते देखते हि काव्या बोली...* *मैं... एक्टिवा की चाबी लेकर पार्किंग में पंहुचा... पसीना,मुझे बहुत आ रहा था...ऐकटिवा स्टार्ट नहीं हो रहा था...* *ऐसे वक्त्त... हमारे घर का काम करने वाला ध्रुव सायकल लेकर आया... सायकल को ताला मारते हि उसे मैने मेरे सामने खडा देखा...क्यों साब. ऐकटिवा चालू नहीं हो रहा है...मैंने कहा नहीं...* *आपकी तबीयत ठीक नहीं लगती साब... इतना पसीना क्यों आया है ?* *साब... स्कूटर को किक इस हालत में नहीं मारते....मैं किक मारके चालू कर देता हूं...ध्रुव ने एक ही किक मारकर ऐकटिवा चालू कर दिया, साथ ही पूछा..साब अकेले जा रहे हो ?* *मैंने कहा... हां ऐसी हालत में अकेले नहीं जाते...चलिए मेरे पीछे बैठ जाइए...मैंने कहा तुम्हे एक्टिवा चलाने आता है ? साब... गाड़ी का भी लाइसेंस है, चिंता छोड़कर बैठ जाओ...* *पास ही एक अस्पताल में हम पंहुचे, ध्रुव दौड़कर अंदर गया, और व्हील चेयर लेकर बाहर आया...साब... अब चलना नहीं, इस कुर्सी पर बैठ जाओ..* *ध्रुव के मोबाइल पर लगातार घंटियां बजती रही...मैं समझ गया था... फ्लैट में से सबके फोन आते होंगे..कि अब तक क्यों नहीं आया ? ध्रुव ने आखिर थक कर किसी को कह दिया कि... आज नहीँ आ सकता....* *ध्रुव डाॅक्टर के जैसे ही व्यवहार कर रहा था...उसे बगैर पूछे मालूम हो गया था कि, साब को हार्ट की तकलीफ हो रही है... लिफ्ट में से व्हील चेयर ICU कि तरफ लेकर गया....* *डाॅक्टरों की टीम तो तैयार ही थी... मेरी तकलीफ सुनकर... सब टेस्ट शीघ्र ही किये... डाॅक्टर ने कहा, आप समय पर पहुंच गए हो....इस में भी आपने व्हील चेयर का उपयोग किया...वह आपके लिए बहुत फायदेमंद रहा...* *अब... कोई भी प्रकार की राह देखना... वह आपके लिए हानिकारक होगी...इसलिए बिना देर किए हमें हार्ट का ऑपरेशन करके आपके ब्लोकेज जल्द ही दूर करने होंगे...इस फार्म पर आप के स्वजन की सही की ज़रूरत है...डाॅक्टर ध्रुव को सामने देखा...* *मैंने कहा , बेटे, दस्तखत करने आती है ? साब इतनी बड़ी जवाबदारी मुझ पर न रखो...* *बेटे... तुम्हारी कोई जवाबदारी नहीं है... तुम्हारे साथ भले ही लहू का संबंध नहीं है... फिर भी बगैर कहे तुमने तुम्हारी जवाबदारी पूरी की, वह जवाबदारी हकीकत में मेरे परिवार की थी...एक और जवाबदारी पूरी कर दो बेटा, मैं नीचे लिखकर सही करके लिख दूंगा कि मुझे कुछ भी होगा तो जवाबदारी मेरी है, ध्रुव ने सिर्फ मेरे कहने पर ही हस्ताक्षर किये हैं, बस अब. ..* *और हां, घर फोन लगा कर खबर कर दो...* *बस, उसी समय मेरे सामने, मेरी पत्नी काव्या का मोबाइल ध्रुव के मोबाइल पर आया.वह शांति से काव्या को सुनने लगा...* *थोड़ी देर के बाद ध्रुव बोला, मैडम, आपको पगार काटने का हो तो काटना, निकालने का हो तो निकाल दो , मगर अभी अस्पताल ऑपरेशन शुरु होने के पहले पंहुच जाओ. हां मैडम, मैं साब को अस्पताल लेकर आया हूं. डाक्टर ने ऑपरेशन की तैयारी कर ली है, और राह देखने की कोई जरूरत नहीं है...* *मैंने कहा, बेटा घर से फोन था...?* *हा साब.* *मैंने मन में सोचा, काव्या तुम किसकी पगार काटने की बात कर रही है, और किस को निकालने की बात कर रही हो ? आंखों में आंसू के साथ ध्रुव के कंधे पर हाथ रख कर, मैं बोला,बेटा चिंता नहीं करते।।* *मैं एक संस्था में सेवाएं देता हूं, वे बुज़ुर्ग लोगों को सहारा देते हैं, वहां तुम जैसे ही व्यक्तियों की ज़रूरत है.* *तुम्हारा काम बरतन कपड़े धोने का नहीं है, तुम्हारा काम तो समाज सेवा का है...बेटा. ..पगार मिलेगा, इसलिए चिंता ना करना.* *ऑपरेशन बाद, मैं होश में आया... मेरे सामने मेरा पूरा परिवार नतमस्तक खड़ा था, मैं आंखों में आंसू के साथ बोला, ध्रुव कंहां है ?* *काव्या बोली-: वो अभी ही छुट्टी लेकर गांव गया, कहता था, उसके पिताजी हार्ट अटैक में गुज़र गऐ है... 15 दिन के बाद फिर से आयेगा.* *अब मुझे समझ में आया कि उसको मेरे में उसका बाप दिखता होगा...* *हे प्रभु, मुझे बचाकर आपने उसके बाप को उठा लिया !* *पूरा परिवार हाथ जोड़कर , मूक नतमस्तक माफी मांग रहा था...* *एक मोबाइल की लत (व्यसन)...अपने व्यक्ति को अपने दिल से कितना दूर लेकर जाता है... वह परिवार देख रहा था....* यही नही मोबाइल आज घर घर कलह का कारण भी बन गया है बहू छोटी-छोटी बाते तत्काल अपने मां-बाप को बताती है और मां की सलाह पर ससुराल पक्ष के लोगो से व्यवहार करती है परिणामस्वरूप वह बीस बीस साल भी ससुराल पक्ष के लोगो से अपनापा जोड़ नही पात । *डाॅक्टर ने आकर कहा, सब से पहले यह बताइए ध्रुव भाई आप के क्या लगते ?* *मैंने कहा डाॅक्टर साहब, कुछ संबंधों के नाम या गहराई तक न जाएं तो ही बेहतर होगा उससे संबंध की गरिमा बनी रहेगी.* *बस मैं इतना ही कहूंगा कि, वो आपात स्थिति में मेरे लिए फरिश्ता बन कर आया था !* *पिन्टू बोला :- हमको माफ करो पप्पा... जो फर्ज़ हमारा था, वह ध्रुव ने पूरा किया, वह हमारे लिए शर्मजनक है, अब से ऐसी भूल भविष्य में कभी भी नहीं होगी. ..* *बेटा,जवाबदारी और नसीहत (सलाह) लोगों को देने के लिए ही होती है...* *जब लेने की घड़ी आये, तब लोग ऊपर नीचे (या बग़ल झाकते है) हो जातें है.* *अब रही मोबाइल की बात...* *बेटे, एक निर्जीव खिलोने ने,जीवित खिलोने को गुलाम कर दिया है, समय आ गया है, कि उसका मर्यादित उपयोग करना है,* *नहीं तो....* 👇👇 *परिवार, समाज और राष्ट्र को उसके गंभीर परिणाम भुगतने पडेंगे और उसकी कीमत चुकाने को तैयार रहना पड़ेगा.* बेटे और बेटियों को बड़ा अधिकारी या व्यापारी बंनाने की जगह एक अच्छा इंसान बनायें जन हित में समर्पित🙏👏🙏👏🙏

25-06-2019 09:59 am

tast

tast

17-06-2019 10:23 pm

विजय

ज्ञानवर्धक ऐप्प

06-06-2019 09:24 am

Sarita Jain

पहाडों पर बैठकर तप करना सरल है लेकिन परिवार के बीच रहकर धीरज बनाए रखना कठिन है और यही तप है जय जिनेन्द्र

08-05-2019 07:38 am

गुनगुन जैन

✍✍✍ *हसरतें कुछ और हैं....* *वक्त की इल्तिजा कुछ और है ..!!!* *कौन जी सका जिंदगी अपने मुताबिक....* *दिल चाहता कुछ और है....* *होता कुछ और है ..!!!* ✍✍✍ *छोटी छोटी बातों में* *आनंद खोजना चाहिए ...* *क्योंकि बड़ी बड़ी बातें तो* *जीवन में चंद होती है ...*

23-04-2019 11:54 am

Babita Jain

*जय जिनेंद्र* *"चार बातों" में कभी भी* *शर्म औऱ संकोच* *नहीं महसूस करनी चाहियें।* *- पुराने कपड़े* *- गरीब मित्र* *- बुज़ुर्ग माता-पिता* *औऱ...* *- सरल जीवन-शैली* और गुरु मां विज्ञा श्री *

15-04-2019 07:48 am