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Babita Jain

1- मस्तक का गहना : -नमन करना । 2 कान का गहना :- जिन वाणी सुनना 3 नाक का गहना :-जिन धर्म की प्रभावना करना 4 मुँह का गहना:- सत्य वचन बोलना 5 आख का गहना :- लाज रखना 6 गले का गहना :- मधुर वाणी बोलना 7 दिल का गहना :- गंभीर रहना 8 पेट का गहना :- बात पचाना 9 हाथों का गहना :- दान देना 10 पैर का गहना :- जिन मंदिर जाना 11 शरीर क..

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गहना :- शील पालना ।

13-04-2019 01:10 am

Babita Jain

*चिंता से चतुराई घटे,* *घटे रूप और ज्ञान।* *चिंता बड़ी अभागिनी,* *चिंता चिता समान।* *तुलसी भरोसे राम के,* *निर्भय हो के सोय।* *अनहोनी होनी नहीं,* *होनी होय सो होय*🌳🌻🌴🌹🙏🌹🌴🌻🌳 . *मदद करना सीखिये* . *फायदे के बगैर.* . *मिलना जुलना सीखिये* . *मतलब के बगैर.* . *जिन्दगी जीना ..

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ीखिये* . *दिखावे के बगैर.* *अंधेरा वहां नहीं है, जहां तन गरीब है !* *अंधेरा वहां है, जहां मन गरीब है..!!* *🌴🌻🙏. सभी को मेरा सादर जय जिनेंद्र 🙏🌻🌴

13-04-2019 12:39 am

गुनगुन जैन

👌👌👌👌👌 *पेड़ के नीचे रखी भगवान की टूटी मूर्ति को देख कर समझ आया,* *कि..* *परिस्थिति चाहे कैसी भी हो,* *पर कभी ख़ुद को* *टूटने नही देना..* *वर्ना ये दुनिया* *जब टूटने पर भगवान को* *घर से निकाल सकती है* *तो फिर हमारी तो* *औकात ही क्या है ...

13-04-2019 03:37 pm

Babita Jain

गुरु मां विज्ञा श्री के चरणो में कोटि-कोटि नमन मंद मंद मुस्कुराकर मां विग्य श्री ने पूरा विज्ञा दर्शन ऐप बनाकर धर्म का ज्ञान बढ़ाया है नाम पड़ा है सभी विज्ञाश्री करें जाप करे जो इस नाम का भवसागर तर जाए वह सब कुछ देती है मां vigyaश्री उसको जो द्वारे पर आया है

09-04-2019 02:09 am

Babita Jain

आंसू जता देते हैं दर्द कैसा है बेरुखी बता देती है हम दर्द कैसा है घमंड बता देता है पैसा कितना है संस्कार बता देते हैं परिवार कैसा है बोली बता देती है इंसान कैसा है बहस बता देती है ज्ञान कैसा है ठोकर बता देती है ध्यान कैसा है नजरे बता देती है सूरत कैसी है Sparsh बता देता है निय..

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कैसी है और वक्त बता देता है रिश्ता कैसा है

09-04-2019 02:13 am

Babita Jain

👏🏻कर्मों से डरिये ईश्वर से नहीं ....... . ईश्वर तो माफ कर देता हैं मगर कर्म कभी माफ़ नहीं करते।यह अटल सत्य है कि जैसे बछड़ा सौ गायों में अपनी मां को ढूंढ लेता है....... उसी प्रकार कर्म भी अपने कर्ता को ढूंढ ही लेता है... आज नहीं तो कल।......... इसलिये *कर्म* करते वक़्त ज़रूर सोचिये कि इसका फल मुझे ही भोगना ह..

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! जिंदगी वनडे मैच की तरह है जिसमे रन तो बढ़ रहे हैं पर ओवर घट रहे हैं मतलब धन तो बढ़ रहा है पर उम्र घट रही है इसलिए हर दिन पुण्य करके चौके छक्के लगाए ताकि विज्ञा श्री मां रूपी एंपायर हमें खुशियों की trofi दे सकें मां के चरणों में कोटि-कोटि नमन 🌹🌹🌹🌹 🌼🌸🌸🌼

09-04-2019 10:44 am

आंकाक्षा जैन

*Nice Poem About Life* , समय चला , पर कैसे चला, पता ही नहीं चला , ज़िन्दगी की आपाधापी में , कब निकली उम्र हमारी यारो ,👩🏼‍🏫👨🏽‍🏫 *पता ही नहीं चला ,* कंधे पर चढ़ने वाले बच्चे , कब कंधे तक आ गए , *पता ही नहीं चला ,* 👮🏼‍♂👮🏼‍♀ किराये के घर से शुरू हुआ था सफर अपना , कब अपने घर तक आ गए , *पता ही नहीं चला ,* साइकिल के प..

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डल मारते हुए हांफते थे उस वक़्त, कब से हम कारों में घूमने लगे हैं ,🚖 *पता ही नहीं चला ,* कभी थे जिम्मेदारी हम माँ बाप की , कब बच्चों के लिए हुए जिम्मेदार हम ,👴🏽 *पता ही नहीं चला ,* एक दौर था जब दिन में भी बेखबर सो जाते थे , कब रातों की उड़ गई नींद ,☹ *पता ही नहीं चला ,* जिन काले घने बालों पर इतराते थे कभी हम , कब सफेद होना शुरू कर दिया ,👨🏽‍🏫 *पता ही नहीं चला ,* दर दर भटके थे नौकरी की खातिर , कब रिटायर होने का समय आ गया ,👴🏽 *पता ही नहीं चला ,* बच्चों के लिए कमाने बचाने में इतने मशगूल हुए हम , कब बच्चे हमसे हुए दूर , *पता ही नहीं चला ,* 🕺🏽🏃🏼‍♀ भरे पूरे परिवार से सीना चौड़ा रखते थे हम , अपने भाई बहनों पर गुमान था ,💪🏽✊🏽 उन सब का साथ छूट गया , कब परिवार हम दो पर सिमट गया ,👴🏽🤶🏽 *पता ही नहीं चला ,* अब सोच रहे थे कि अपने लिए भी कुछ करे , 🙇🏻‍♂🙇🏽‍♀ पर शरीर ने कब साथ देना बंद कर दिया ,🧟‍♂🧟‍♂ *पता ही नहीं चला*।🙏🏽

04-04-2019 12:22 pm

गुनगुन जैन

*ताश का जोकर,* *और..............!* *अपनों की ठोकर......!* *अक्सर बाजी घुमा देती है......!* *अपनी सहनशीलता,* *को बढाइए............!* *छोटी मोटी घटना से,* *हताश मत होईये........!* *जो चंदन घिस जाता है,* *वह भगवान के मस्तक.....!* *पर लगाया जाता है.........!!!* *और....................!* *जो नही घिसता वह,* *तो सिर्फ मुर्दे जलाने......!* *के काम ही आता है........!!

31-03-2019 01:17 pm

गुनगुन जैन

*जय जिनेन्द्र *🙏 *पहाड़ों पर बैठ कर तप करना सरल है। लेकिन परिवार में सबके बीच रहकर धीरज बनाये रखना* *कठिन है और यही तप है।* *अपनों में रहें,अपने में नहीं।*

22-03-2019 01:14 pm

गुनगुन जैन

*मेरे पीछे मत चलिए*, *हो सकता है कि मै नेतृत्व ना कर सकू* *मेरे आगे मत चलिए* *हो सकता है मैं "अनुगमन" ना कर सकूँ* *बस मेरे साथ चलिए मेरे अपने बनकर* *ताकि "मैं, आपके साथ चल सकूँ*

19-03-2019 06:00 am

आंकाक्षा जैन

*🔔 सुविचार 🔔* 🎋 *जिन्दगी को जीओ, उसे* *समझने की कोशिश ना करो* 🎋 *चलते वक्त के साथ चलो,* *वक्त को बदलने की कोशिश* *न करो....* 🎋 *दिल खोल कर सांस लो,* *अंदर ही अंदर घुटने की* *कोशिश न करो....!* 🎋 *कुछ बातें ईश्वर पर छोड़* *दो, सब कुछ खुद सुलझाने* *की कोशिश न करो......!!* ..

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19-03-2019 02:29 pm

विजय कुमार जैन

🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻 *बिखरने के तो लाख बहाने मिल जायेगे* *आओ हम जुड़ने के अवसर ढूंढे....* *यह जरूरी नही कि हर शख्स हमसे मिलकर खुश हो* *मगर हमारा प्रयास यह रहे कि ,हमसे मिलकर कोई दुखी न हो* 🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹 *शुभप्रभात* 💐💐💐

16-03-2019 07:22 am