विनयांजलि

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गुरु मां के चरण पावन मंदिर हैं उनकी हर आज्ञा का पालन हमारा सौभाग्य है गुरु मां के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं जैसे समंदर के बिना लहर का सत्व नहीं गुरू मां की श्रेष्ठता और स्तुति का हम गुणगान करते हैं।🌹🌹🌹🌹 वंदामि माताजी।

मोनिका जैन
गाजियाबाद

मोनिका जैन
गाजियाबाद

गुरु मां तनाव की तेज धूप में बन जाती हैं छांव परेशानियों की नदी के पूर में बनकर आती हैं नाव अज्ञान अंध के कूप में गिरने पर शिष्यों के लिए बन जाती मजबूत डोर भाग करती हैं व्यर्थ के विकल्पों से गुणा करती हैं सत संकल्पों से विकार हटाकर व्यक्तित्व जगाती हैं अपने को अपना मानना सिखाती ..

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हैं गुरु मां शांत झरने की तरह प्रवाहशील हैं जो मिलने और मिटने को राजी हो उसे अपने में मिलाकर रत्नाकर बनाती हैं। 🙏🙏🙏🙏🙏

19-02-2020 07:20 am

जाके राग द्वेष नहीं मन में ऐसी विज्ञा मां को देखा हमने ग्रीष्म ऋतु शिखर के ऊपर वे मगन रहे ध्यानन में चातुर्मास तरु तल ठाडे ऐ जी बूंद सहे छिन छिन में शीत मास दरिया के किनारे धीरज धारे तन में ऐसी गुरु मां को नित प्रति ध्याऊं ऐ जी देत ढोंक चरणन में । गुरु मां सूत्रधार हैं, हम पात्र हैं..

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।गुरु मां के चरणों में शत-शत नमन।🙏🌹

19-02-2020 06:51 am
मोनिका जैन
गाजियाबाद

मोनिका जैन
गाजियाबाद

इस चेतना की तीर्थ को गुरु मां संभालिए आई हूं तेरी शरण में इसे मंदिर में ढालिए कर्म चक्र चक्षु से हमको निकालिए आई हूं शरण में मां मंदिर में ढालिए मेरा स्वभाव जल की भांति शुद्ध हो निर्मल सत्य शील क्षमा करुणा मन में हो प्रबल गुरु मां मुझे अपने शासन में पालिए आई हूं शरण में इसे मंदिर ..

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ें ढालिए गुरु शिष्य का संबंध ही शुभ का प्रबंध है गुरु का आचरण ही शिष्य के लिए सुग्रंथ है किंचित कृपा की डोर मेरी ओर डालिए इस चेतना के तीर्थ को मंदिर में ढालिए। ।।विज्ञाश्री माताजी को कोटि कोटि वंदन।।

19-02-2020 06:35 am