विनयांजलि

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सोचता हूं सागर जितना , दे पाता , गागर सी सौगात कहीं | तेरा क्या गुणगान करूं है गुरु मां, बूंद सी मेरी औकात नहीं || रवि किरणों से बढ़कर आगे , अखिल विश्व में फैल रही, ज्ञान की दिव्य रश्मिया| पर यह ना कह देना ,बेबस बादल के आगे ,नहीं-नहीं, सूरज में भी वह बात नहीं || तेरा क्या गुणगान करूं है गु..

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ु माँ, बूंद सी मेरी औकात नहीं || चरणों में आपके आकर, पाते ऐसी शीतलता, जिसके वर्णन को कोई शब्दकोश नहीं | उससे बढ़कर शीतलता, आज बिखेरे चांद चांदनी, ऐसी कोई रात नहीं || तेरा क्या गुणगान करूं है गुरु मां, बूंद सी मेरी औकात नहीं || तन मन मंगल ,जन-जन का होता मंगल, पुण्य होता जिसका , पडते आपके चरण वही | कदम कदम पर आज बिछा दूं चरणों में, पर मिलते नहीं पुष्प पारिजात कहीं || तेरा क्या गुणगान करूं है गुरु माँ, बूंद सी मेरी औकात नहीं || गुरु मां के चरणों में शत शत नमन विनोद पाटनी (बस्सी वाले) किशनगढ़

22-02-2020 10:35 am
vinod patni
kishangarh

मोनिका जैन
गाजियाबाद

हर पल हर क्षण हर दम आशीष रहे तेरा हे श्रमणी विज्ञाश्री मां कल्याण करो मेरा अंतिम सांसो तक हो सिर चरणों में मेरा विज्ञा मां बिन तेरे सब सूना लगता है तू है मां तो सब सलोना लगता है जब तक न मुक्ति मिले छोड़ू न तेरा साथ मेरा पथ उज्ज्वल कर दो मेटो तम का घेरा हर पल हर क्षण हर दम आशीष रहे त..

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ेरा हे विज्ञाश्री मां कल्याण कर दो मेरा। वंदामि माताजी 🙏

22-02-2020 09:38 am

दिन हो चाहे रात हो या सुबहो शाम हो हरदम मेरी जुबां पे मां का ही नाम हो भूलूं नहीं कदापि मैं खुशियों में रंज में छूटे न संग मेरा कभी ऐसा काम हो सुमरन से जिनके कष्ट भवों के विनाशते मैं ये चाहती हूं सदा सोते जागते जीवन मां की भक्ति में मेरा तमाम हो। विज्ञाश्री माताजी को शत् शत् नमन 🌹

मोनिका जैन
गाजियाबाद

Anita Jain
newai

गुरू माँ के सच्चे भकतो पर जब कोई संकट आता है भकतो पर आने से पहले गुरू माँ से वो टकराता है छोटी सी है जिंदगी धन दौलत सब माया हैं धन्य भाग्य हमारे है हम पर गुरू माँ की छाया हैं अनीता जैन निवाई 22 -2-2020