विनयांजलि

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मौसम बदला और बरसात आने लगी, मधुबन की याद मुझे फिर सताने लगी़..... जब मैंने छूकर देखा बारिश की बूंदो को तो , हर बूंद में मुझे मेरी गूरू मॉ की झलक नजर आने लगी...... वदामि गुरू मॉ

ABHA  JAIN
ABHA JAIN
PHAGI

Ritesh Doshi
Ritesh Doshi
Mumbai

हे मात गुरु द्रोण तुम, मैं एकलव्य तुम्हारा । कर से दो आशीष तो निखर जाय जीवन मेरा । बस अब रह गया है एक ही सपना अधूरा । वीर प्रभु सम लगे जल्द समवसरण तुम्हारा । और उसी समवसरण से मिले हमे मुक्तिमहल हमारा ।। वंदामी माताजी🙏🏻🙏🏻🙏🏻 -रीतेश दोशी भांडुप, मुंबई


जब नींद लगे तो स्वप्न हो आपका नीद से जागे तो दर्शन हो आपका हर पल हर क्षण जुबा पर नाम हो गुरु माँ आपका अंत समय मे दम निकले तब दामन हो आपका

monika Jain
Shri Ram Lal Jain Sandeep Kumar Jain Kirana Merchant Chhote Jain Mandir Ke Samne chhaprauli Baghpat

Preei Jain
Jaipur

गुरु मां के चरणों में शत शत नमन, संतो का संग किस्मत से मिलता है,इनका आशीष युग युग तक फलता है, थाम लेते हैं जिनका हाथ,गुरूमा विज्ञा श्री जी जब,बिगड़ा नसीब उनका तेज़ी से बदलता है,,,👏👏👏